Home छत्तीसगढ़  जशपुर को पिछड़ेपन से उबारने की शुरूआत : श्री भूपेश बघेल 

 जशपुर को पिछड़ेपन से उबारने की शुरूआत : श्री भूपेश बघेल 

203
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

  रायपुर, 04 दिसम्बर 2020

परम्परागत पगड़ी और गमछा पहनाकर तथा तीर-कमान
देकर मुख्यमंत्री का किया गया सम्मान .खाद्य मंत्री श्री भगत ने उरांव गीत गाकर मुख्यमंत्री का किया स्वागत

जशपुर में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास और आमसभा को संबोधित करने पहुंचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का कार्यक्रम में परम्परागत पगड़ी और गमछा पहनाकर स्वागत किया गया। सिर पर पगड़ी पहनाकर उस पर मोर पंख भी खोंसा गया। मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में तीर-कमान भी सौंपा गया। खाद्य एंव संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने मंच पर दो उरांव गीत गाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।  

जशपुर में तीरंदाजी अकादमी, सन्ना में अस्पताल और कोतबा में उद्यानिकी कॉलेज की घोषणा

मुख्यमंत्री ने 792 करोड़ रुपए के 196 विकास कार्यों का
किया लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की वजह से देश और दुनिया आर्थिक मंदी से जूझ रही है। लेकिन छत्तीसगढ़ इससे अप्रभावित है। सरकार ने धान खरीदी, वनोपज खरीदी, गोबर खरीदी, तेन्दूपत्ता खरीदी, बिजली बिल में छूट और मनरेगा के माध्यम से व्यापक स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराकर लोगों की जेब में लगातार पैसे डाले हैं। इससे प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को भी अच्छी गति मिली है। उन्होंने कहा कि जशपुर में पर्यटन के विकास की बहुत संभावनाएं है। जिले को इस दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वन विभाग को निर्देश दिए गए है कि वे वनों में साल के बजाय फलदार पौधे लगाएं। इससे वहां रहने वाले लोगों की आय बढ़ेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाई के माध्यम से फलों का मूल्य संवर्धन (वेल्यू एडिशन) कर आमदनी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के सभी 8 विकासखंडों में खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए जमीन चिन्हांकित कर ली गई है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जशपुर नगर में आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर जिले को पिछड़ेपन से उबारने की शुरूआत हो चुकी है। आज यहां करीब 800 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास इस दिशा में तेज कदम है। आवागमन, सिंचाई की सुविधा और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्षेत्र में काफी काम करने की जरूरत है। जिले के विभिन्न गांवों में करीब 200 नए विकास कार्यों से समूचे क्षेत्र के विकास को नई गति और दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित आम सभा में सन्ना में अस्पताल, कोतबा में उद्यानिकी कॉलेज, जशपुर में तीरंदाजी अकादमी, जशपुर और सन्ना के बीच 9 किलोमीटर सड़क निर्माण, ईब नदी पर पुल निर्माण, बगीचा अस्पताल के संधारण और मुक्तिधाम के लिए 40 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने सूरजपुर जिले के प्रतापगढ़ में 30 किलोमीटर सड़क उन्नयन की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आमसभा में कहा कि लोगों की आर्थिक मजबूती के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। गांवों को सम्पन्न बनाने के लिए गौठान निर्माण, चारागाह विकास, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और पशुपालकों से गोबर खरीदी जैसे काम किए जा रहे हैं। नरवा, गरवा, घुरवा, बारी कार्यक्रम भी इसमें मदद कर रही है। किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को उनसे खरीदे प्रति क्विंटल धान के लिए 2500 रुपए दिए जा रहे है। वन अधिकार कानून के तहत् पात्र लोगों को व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा देने के साथ-साथ वनांचलों में सामूहिक पट्टे भी दिए जा रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तेन्दूपत्ता संग्राहकों से 4000 रुपए प्रति मानक बोरी की दर से तेन्दूपत्ता खरीदा जा रहा है। उनके द्वारा संग्रहित वनोपजों का सही दाम दिलाने के साथ ही 31 लघु वनोपजों की खरीदी की जा रही है।

    खाद्य एवं संस्कृति मंत्री तथा जशपुर जिले के प्रभारी श्री अमरजीत भगत ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास का मॉडल पूरे देश में लोकप्रिय हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार के गठन के 2 घंटों के भीतर ही प्रदेश के किसानों का कर्जा माफ करने का निर्णय ले लिया था। किसानों की मेहनत का पूरा दाम दिलाने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है। किसानों को धान की इतनी अधिक कीमत देने वाला छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है। इस साल बोरों की कमी के बावजूद सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जा रही है।

    श्री भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे आर्थिक संसाधनों के प्रबंधन की तारीफ भारतीय रिजर्व बैंक ने भी की है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में छत्तीसगढ़ सरकार पूरे समय अपने लोगांे के साथ खड़ी रही। इस दौरान पीडीएस के माध्यम से तीन माह का राशन निःशुल्क दिया गया। देश के विभिन्न शहरों से लौटे करीब 7 लाख लोगों को प्रदेश भर में स्थापित करीब 22 हजार क्वारेंटाइन सेंटरों में उनकी सेहत और अन्य सभी जरूरतों का ध्यान रखा गया। छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले दूसरे राज्यों के लोगों को भी परिवहन, भोजन, राहत कैम्प जैसी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई गई जिन्हें वे लोग आज भी याद करते है।
 
    उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने आमसभा में कहा कि जशपुर में इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्यों की शुरूआत और लोकार्पण आज पहली बार हो रहा है। इससे वनांचल के इस जिले में निश्चित ही विकास की रौशनी तेजी से पहुंचेगी। उन्होेंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने अनेक जनकल्याणकारी फैसले लिए है। गांव, गरीबों और किसानों का जीवन खुशहाल बनाया है। इस दौरान बैंक सखियों के माध्यम से बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों तक सामाजिक पेंशन की राशि घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। कमजोर आय वर्ग के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कर सके, इसके लिए सरकारी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी प्रदेश भर में शुरू किए गए हैं। आम सभा को स्थानीय विधायक श्री विनय भगत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लालजीत सिंह राठिया, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री विनोद वर्मा, विधायकगण सर्वश्री चक्रधर सिंह सिदार, प्रकाश नायक और श्रीमती उत्तरी जागड़े, सरगुजा संभाग की आयुक्त सुश्री जिनेविवा किण्डो, सरगुजा पुलिस रेंज के महानिरीक्षक श्री रतनलाल डांगी, कलेक्टर श्री महादेव कावरे तथा पुलिस अधीक्षक श्री बालाजी राव भी उपस्थित थे।