Home छत्तीसगढ़ पं. रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि पर आयोजन सभा का आयोजन

पं. रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि पर आयोजन सभा का आयोजन

43
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

अविभाजित मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भविष्यदृष्टा एवं जननेता पंडित रविशंकर शुक्ल की 68 वीं पुण्यतिथि पर 31 दिसम्बर, 2025 को इस्पात नगरी भिलाई के सेक्टर-9 स्थित उनकी भव्य प्रतिमा के समक्ष प्रातः 10.00 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर भिलाई बिरादरी के सदस्य और आम जन द्वारा पं. शुक्ल को पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि देश के सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात संयंत्र की भिलाई में स्थापना में पंडित रविशंकर शुक्ल ने आधारभूत भूमिका निभाई थी। पं. जगन्नाथ शुक्ल एवं श्रीमती तुलसी देवी के पुत्र के रूप 2 अगस्त, 1876 में सागर में जन्में पं. रविशंकर शुक्ल बचपन से ही मेघावी रहे। उनकी प्राथमिक शिक्षा सागर में ही हुईं। व्यवसाय के कारण पिता श्री जगन्नाथ शुक्ल के छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में आ जाने के कारण पं. शुक्ल ने अपनी मिडिल स्कूल की शिक्षा राजनांदगांव से शुरू की। कुछ ही समय बाद पिता के रायपुर आने से पु. शुक्ल ने अपनी शिक्षा रायपुर में जारी रखी। जबलपुर के राबिनसन कॉलेज से इंटरमिडियेट और नागपुर के हिसलॉप कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने के दौरान ही युवा पं. शुक्ल कांग्रेस के आंदोलन से प्रभावित हो गये थे। 1899 में 22 वर्ष की उम्र में पं. शुक्ल स्नातक हो गये।
1898 में अमरावती में हुए कांग्रेस के 13 अधिवेशन में पं. शुक्ल ने अपने शिक्षक के साथ भाग लिया और देश के अनेक तत्कालीन महानायकों के संपर्क में आये। यही से पं. शुक्ल की राजनैतिक जीवन और आजादी के आंदोलन की यात्रा प्रारंभ हुई। 50 वर्ष के अपने राजनैतिक एवं सामाजिक जीवन में पं. शुक्ल ने अनेक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास, शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं की स्थापना के लिये महत्वपूर्ण और स्मरणीय कार्य किये। पूर्व सी पी एवं बरार तथा अविभाजित मध्य प्रदेश के विकास में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जायेगा। पं. रविशंकर शुक्ल ने 31 दिसम्बर, 1956 में 80 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली में अंतिम सांस ली।
देश के सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात संयंत्र की भिलाई में स्थापना के प्रबल समर्थक और प्रणेता पं. शुक्ल की पुण्य स्मृति में श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समूह द्वारा किया गया है। दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के और पं रवि शंकर शुक्ल सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति और कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच भिलाई द्वारा सभी लोगों से श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने और श्रद्धांजलि देने की अपील की है।
पं रवि शंकर शुक्ल सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति के महासचिव श्री मनोज मिश्रा और जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष श्री मुकेश चंद्राकर ने इस्पात नगरी के सभी गणमान्य नागरिकों, जिला कांग्रेस समिति के सदस्यों और भिलाई बिरादरी के सदस्यों से श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
————–00—————