Home छत्तीसगढ़ चप्पल निर्माण से मिली स्वरोजगार की डगर :स्व-सहायता समूह की महिलाए एक...

चप्पल निर्माण से मिली स्वरोजगार की डगर :स्व-सहायता समूह की महिलाए एक माह मे 20 हजार रूपए का कर चुकी है विक्रय

201
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM

    रायपुर, 23 दिसम्बर 2020

 स्व-सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा बनाई गई चप्पलों को ग्राहक हाथों-हाथ ले रहे है। इससे उन्हें रोजगार का एक जरिया मिल गया है और आमदनी भी अच्छी-खासी हो रही है। जशपुर जिला प्रशासन की मदद से जिले के ग्राम गम्हरिया के गौठान में चांदनी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने चप्पल का निर्माण कर एक माह में 20 हजार रूपए की विक्रय कर चुकी है। 

      जशपुर विकासखंड के ग्राम गम्हरिया गौठान में चांदनी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को चप्पल निर्माण के लिए जिला प्रशासन की ओर से जरूरी सहायता दी गई। वन विभाग द्वारा महिलाओं को चप्पल बनाने के लिए मशीन उपलब्ध कराया गया है और युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन महिलाओं को चप्पल निर्माण के लिए मार्गदर्शन देते रहते है। स्व सहायता समूह की अध्यक्ष मनपति बाई तथा सचिव यशोदा बाई ने बताया कि इस समूह में कुल 13 महिला सदस्य जुड़ी हैं। चप्पल निर्माण के लिए कच्चा माल रायपुर और रांची से मंगाया जाता है। एक जोड़ी चप्पल बनाने में 40 से 50 रुपए का खर्च आता है, वहीं बाजार में यह 120 रुपए में प्रति जोड़ी की दर से विक्रय किया जा रहा है। इसे ग्राम पंचायतों में लगने वाले हाटबाजार तथा लोकल दुकानों को भी बेचा जा रहा है। अभी तक कुल 200 चप्पल का निर्माण किया जा चुका है। एक माह में बाजार से 20,000 रूपए का आवक हो चुका है। इसके लिए समूह की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।