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कलेक्टर ने बर्ड फ्लू रोग के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए

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जिला प्रभारी रोग अन्वेषण प्रयोगशाला को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया

रायपुर 11 जनवरी 2021

देश के अनेक राज्यों में पाये गये मृत पक्षियों (बतख, कौव एवं प्रवासी पक्षियों) में बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि होने के बाद केन्द्र और राज्य शासन के द्वारा दिये गये दिशा निर्देश अनुसार कलेक्टर रायपुर डॉ एस. भारतीदासन ने रायपुर जिले के पशु चिकित्सा विभाग के सभी पशु चिकित्सालयों और विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रोग नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए है।

संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं रायपुर डॉ देवेन्द्र नेताम ने बताया कि बर्ड फ्लू रोग पक्षियों का संकामक एवं घातक रोग है जिससे बैकयार्ड पोल्ट्री पालन एवं पोल्ट्री व्यवसायों को अत्यधिक हानि होती है। यह रोग मनुष्यों (र्ववदवजपब) को भी संक्रमित करता है। शीत ऋतु में राज्य के सीमा पार से बर्ड फ्लू रोग के प्रवेश रोकने एवं पक्षियों में असामान्य बीमारी एवं मृत्यु रोकने हेतु सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होनें इस दृष्टि से बर्ड फ्लू रोग के प्रवेश रोकने संबंधी पूरी तैयारी एवं सतर्कता सुनिश्चित करने को कहा है।

उन्होंनें बताया कि भारत शासन के द्वारा संशोधित एक्शन प्लान ष्।बजपवद च्संद व्द च्तमअमदजपवद ब्वदजतवस ।दक ब्वदजंपदउमदज वि ।अपंद प्दसिनमद्रंष् के अनुसार जिले में विकासखण्डवार पशु-पक्षी, बाजारों, कुक्कुट उत्पादां के वितरण श्रृंखला ऐसे स्थान बतखों की संख्या ज्यादा है, जल स्त्रोतो तथा प्रवासी-जंगली पशुओं की सर्वेक्षण कर इन क्षेत्रों के पक्षियों के सिरोलॉजीकल एवं वायरोलॉजीकल सैम्पल, लैब टेस्टिंग हेतु नियमित रूप से प्रयोगशाला भेजने को कहा है।

उन्होंने बताया कि प्रवासी पक्षियों बर्ड फ्लू के प्रसारण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते है। अतः जिले के प्रवासी पक्षी की सभी शरण स्थली असामान्य मृत्यु हेतु सतत् निगरानी करें साथ ही वन विभाग के द्वारा प्रवासी पक्षी शरण स्थली स्थानों की सूची कार्यालय को उपलब्ध करावें।

इसी तरह जिले में कुक्कुट-पक्षी पालकों को बीमारी के सर्व सामान्य जानकारी, बायेसिक्यूरटी भेजने जैसे निजी कुक्कुट पालकों को अपने प्रक्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों, वाहन एवं अन्य सामग्री के आने-जाने में प्रतिबंध लगाने एवं मृत पक्षियों के असामान्य संख्या को निकटतम पशु चिकित्सालय में सूचित करने एवं निदान कराने एवं मृत पक्षियों के शवों/पक्षी अवशिष्ट का उचित समुचित प्रबंधन का प्रचार-प्रसार करने को कहा है।

उन्होंने जिले के सभी विकासखण्ड एवं क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित है कि वे अपने क्षेत्र में कुक्कुट पक्षियों के असामान्य बीमारी अथवा असामान्य मृत्यु के सबंध में सतत् सर्वेक्षण कर प्रतिवेदन एवं बीमार पक्षियों के शीरम नमुने जांच हेतु जिला रोग अन्वेषण प्रयोगशाला, रायपुर को भेजा जाना सुनिश्चित करें। जिले में बर्ड फ्लू रोकथाम हेतु जिला रोग प्रभारी रोग अन्वेषण प्रयोगशाला रायपुर को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाता है, उनका दूरभाष कमांक 75871-57066 है। उन्होंने इसी तरह वाईल्ड लाईफ सेंचुरी, नेशनल पार्क – जल स्त्रोत जहां प्रवासी पक्षियों की शरण स्थली है, का निरीक्षण भी करने को कहा है।