Home छत्तीसगढ़ गौठानों को आजीविका केंद्र के रूप में विकसित करें : श्री टी...

गौठानों को आजीविका केंद्र के रूप में विकसित करें : श्री टी एस सिंहदेव

476
0
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.59 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.48.58 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.00 AM
WhatsApp Image 2026-08-15 at 7.49.01 AM


*पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा*
 

रायपुर, 13 जनवरी 2020

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी एस सिंहदेव ने आज दूसरे दिन ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है। इसके क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग नोडल अधिकारी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से इस योजना को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि गोठानों को आजीविका केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सहभागिता सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने गौठानों को स्वावलंबी बनाने, अधिक से अधिक वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन बढ़ाने, स्व सहायता समूह को सक्रिय करने, किसानों और समुदाय को जोड़ने के निर्देश दिए। मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी कृषि विभाग के जिला अधिकारियों से सहयोग लेकर गोठानों की गतिविधियों में और अधिक सुधार लाएं, गोबर से निर्मित उत्पादों को बढ़ाएं और मांग के अनुरूप वर्मी कंपोस्ट की आपूर्ति कृषि, उद्यानिकी, वन एवं शहरी विकास विभाग को सुनिश्चित करें। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव डॉ एम गीता ने  गोठानों की स्थिति और वहां संचालित गतिविधियों, वर्मी कंपोस्ट निर्माण आदि की प्रस्तुतिकरण के जरिए जानकारी दी। डॉ गीता ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से कहा कि वे गोठानों का नियमित निरीक्षण करें, गोठानों में गोबर खरीदी शुभम हो, समूह की महिलाओं को अधिक से अधिक लाभ हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समूहों को प्रदाय की जा रही गोबर एवं भुगतान आदि की जानकारी अद्यतन रखें। 

बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मानव दिवस सृजन की लक्ष्य प्राप्ति एवं 100 दिवस रोजगार उपलब्ध कराने तथा वन अधिकार पट्टा धारक परिवारों को 150 दिवस रोजगार उपलब्ध कराने, धान संग्रहणचबूतरा, पंचायत भवन, गौठान, चारागाह विकास, नरवा उपचार तथा समय पर मजदूरी भुगतान की जिलेवार समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत रूफ कास्ट स्तर वाले हितग्राहियों के आवासों को पूर्ण करने के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर प्रसन्ना, आयुक्त मनरेगा मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक श्री पी सी मिश्रा, प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा श्री एसएन श्रीवास्तव, ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आलोक कटियार सहित सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे।