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शासन की प्राथमिकता में शामिल योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा जारी

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रायपुर, 04 फरवरी 2021

छत्तीसगढ़ शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की माॅनिटरिंग और प्रगति की समीक्षा के अगले दौर में आज मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा और सहकारिता विभाग के काम-काज की समीक्षा की। रायपुर स्थित सिरपुर भवन में आयोजित बैठक में मुख्य रूप से हाॅटबाजार क्लिनिक, जेनेरिक मेडिसीन के उपयोग को बढ़ावा देने, राजस्व में बढ़ोत्तरी के लिए लंबित विद्युत शुल्क की वसूली और मार्कफेड के अनुपयोगी भूमि के व्यावसायिक विकास किए जाने के संबंध में चर्चा हुई।
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के स्वास्थ्य जांच और आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयों के वितरण के लिए संचालित किए जा रहे हाॅटबाजार क्लिनिक योजना की समीक्षा करते हुए श्री जैन ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले प्रत्येक हाॅटबाजार तक यह सुविधा पहुंच सके इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाए। हाॅटबाजार क्लिनिक के रूप में चलने वाले वाहनों की साज-सज्जा और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए है। जिससे इन वाहनों को दूर से ही हाॅटबाजार क्लिनिक के रूप में पहचाना जा सके। अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में हाॅटबाजार क्लिनिक के संचालन पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए है। जेनेरिक दवाईयों के उपयोग को बढ़ावा देने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल काॅलेज और जिला अस्पतालों में अच्छे लोकेशन पर जन औषधी केन्द्र खोलने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए है।
    मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने राजस्व में बढ़ोत्तरी करने के लिए औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों के लंबित विद्युत शुल्क की वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि लंबित विद्युत शुल्क की वसूली के लिए कार्ययोजना बनाकर विभागीय मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण किया जाए और वसूली की कार्यवाही शुरू की जाए। मार्कफेड की विभिन्न संस्थाओं के अनुपयोगी भूमि का व्यावसायिक विकास करने और उसके माध्यम से राजस्व की बढ़ोत्तरी की कार्ययोजना बनाने के निर्देश श्री जैन ने दिए है। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणुजी पिल्लै और ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव एवं मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री अंकित आनंद उपस्थित थे।