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राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना ने बदल दी ग्राम बदरा के विश्वनाथ यादव की जिंदगी, चरवाहे से बने सफल डेयरी उद्यमी

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मुंगेली, 17 मार्च 2025

दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से कोई भी अपने सपनों को साकार कर सकता है। ऐसा ही उदाहरण पेश किया है पथरिया विकासखण्ड के ग्राम बदरा(ठा) के श्री विश्वनाथ यादव ने, जो कभी एक साधारण चरवाहा थे और आज एक सफल डेयरी उद्यमी के रूप में प्रतिष्ठित हो चुके हैं। श्री यादव के पास वर्ष 2016-17 में केवल 1.5 एकड़ जमीन थी, जिसमें उनका पैतृक निवास भी शामिल था। वे पारंपरिक तरीके से 1-2 देशी गाय पालकर 3-4 लीटर दूध बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के उपसंचालक डॉ. आर. एम. त्रिपाठी ने बताया कि श्री विश्वनाथ यादव ने राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत बैंक से 12 लाख रूपए ऋण प्राप्त कर डेयरी स्थापित की और खुद का व्यवसाय शुरू किया।

हितग्राही श्री यादव ने बताया कि उन्होंने गायों के साथ भैंसों को भी डेयरी में शामिल किया और धीरे-धीरे दूध उत्पादन बढ़ाया। आज उनके पास 26 गायें और 50 भैंसें हैं, जिनसे प्रतिदिन 150 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। वे भैंस का दूध बाजार में 60 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचते हैं। इसके अलावा, वे भैंस के बच्चे (कलोर) तैयार कर भी अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक भैंस 1.6 लाख रुपये में बेची है। लगातार मेहनत और सही रणनीति के चलते श्री यादव ने बैंक ऋण भी समय पर चुका दिया और अब बिना किसी कर्ज के अपनी डेयरी का विस्तार कर रहे हैं। राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी। उन्होंने डेयरी व्यवसाय से हुई आय से 4.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि खरीदी, डेयरी शेड व पक्का मकान बनवाया, खेती के लिए ट्रैक्टर लिया और दूध परिवहन के लिए मोटर साइकिल भी खरीदी है। आज श्री यादव एक सम्पन्न किसान व प्रतिष्ठित डेयरी उद्यमी बन चुके हैं। उनकी सफलता से प्रेरणा लेकर कई अन्य युवा भी डेयरी व्यवसाय की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उनकी यह कहानी बताती है कि यदि सही मार्गदर्शन, मेहनत और संकल्प हो तो कोई भी व्यक्ति अपनी तकदीर बदल सकता है।