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बीएसपी की प्लेट मिल में डिस्पैच एफिशिएंसी पर केंद्रित “समाधान” परफॉरमेंस इम्प्रूवमेंट वर्कशॉप आयोजित

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सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा 20 सितम्बर 2025 को मानव संसाधन विकास केन्द्र में “बिना विलंब शुल्क (पेनाल्टी) के 5000 टन से अधिक दैनिक प्लेटों की डिस्पैच प्राप्ति” विषय पर एक परफॉरमेंस इम्प्रूवमेंट वर्कशॉप (पीआईडब्ल्यू) का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला अंतर-विभागीय सहयोग और व्यावहारिक, परिणाम-उन्मुख हस्तक्षेपों पर चल रही “समाधान” श्रृंखला का हिस्सा थी।

इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (एमडब्ल्यूआरएम) श्री एम. के. गोयल थे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (पीपीसी) श्री प्रवीण राय भल्ला, मुख्य महाप्रबंधक (आरसीएल) श्री राहुल श्रीवास्तव तथा महाप्रबंधक प्रभारी (टीएंडडी) श्री गोपीनाथ मलिक उपस्थित रहे।

इस कार्यशाला में प्लेट मिल, टी एंड डी, आरसीएल, पीपीसी, विपणन, डिस्पैच कोआर्डिनेशन,मार्केटिंग तथा एसआरएम/सीएमओ-भिलाई कार्यालय सहित विभिन्न विभागों से कुल 33 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इन्हें अलग-अलग सिंडिकेट समूहों में विभाजित कर समय पर डिस्पैच में आने वाली चुनौतियों जैसे रेक रिटेंशन समय, शिपिंग यार्ड में जगह की कमी, प्लेट डेटा में विसंगतियां, प्लेटों की विविधता, विशेष प्लेटों का प्रोसेसिंग, आरडीएसओ द्वारा नए स्ट्रैपिंग नियम और वैगन-संबंधी एडजस्टमेंट पर विचार-विमर्श कराया गया।

अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री एम. के. गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि कर्मचारियों की सामूहिक प्रतिबद्धता और प्रयासों से 5000 टन दैनिक प्रेषण का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने स्मरण कराया कि पूर्व में भी प्लेट मिल ने इससे बड़े लक्ष्यों को पार किया है।

श्री प्रवीण राय भल्ला ने कहा कि सामूहिक प्रयासों व चिंतन से हर चुनौती का समाधान निकलता है और इस कार्यशाला में प्रतिभागियों की विशेषज्ञता इस नए लक्ष्य प्राप्ति का समाधान निकाल लेगी। वहीँ श्री राहुल श्रीवास्तव ने प्रेषण को संयंत्र संचालन का महत्वपूर्ण पहलू बताते हुए कहा कि इसे टीमवर्क से ही प्रभावी ढंग से सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर प्रतिभागियों को कार्यशाला के दौरान समाधान खोजने में सफलता की शुभकामनाएं दीं। साथ ही श्री गोपीनाथ मलिक ने बताया कि पिछले वर्ष 4000 टन प्रतिदिन का प्रेषण लक्ष्य निरंतर सुधार और संकल्प से सफलतापूर्वक हासिल किया गया था और इस वर्ष कार्यशाला में विकसित रणनीतियों से 5000 टन प्रेषण का लक्ष्य भी संभव है।

कार्यशाला की शुरुआत महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव श्रीवास्तव के स्वागत उद्बोधन से हुई। कार्यशाला का संचालन एवं समन्वयन तथा धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री. मुकुल सहारिया ने किया।

समापन सत्र में सिंडिकेट समूहों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गईं और प्रतिभागियों के बीच खुली चर्चा हुई। मुख्य अतिथि श्री गोयल ने समापन भाषण में व्यवस्थित योजना और सामूहिक समस्या-समाधान पर बल दिया।

पीआईडब्ल्यू से प्राप्त विचार-विमर्श और सुझावों से प्लेट मिल के डिस्पैच प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार होने और वर्ष 2025-26 में भिलाई इस्पात संयंत्र के उत्पादन एवं डिस्पैच लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है।